blogid : 316 postid : 1363759

कॉलेज में बांटे दहेज के फायदे वाले नोट्स, लिखा है- इससे ‘बदसूरत’ लड़कियों की हो जाती है शादी

Posted On: 27 Oct, 2017 social issues में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

दहेज लेना और दहेज देना, ये दोनों ही काम भारत में अपराध है। इसके खिलाफ देश में कड़े काननू भी बने हैं। दहेज को समाज की बड़ी बुराइयों में से एक माना जाता है। मगर आपको जानकर हैरानी होगी कि बंगलुरू के एक जाने-माने कॉलेज ने अपने छात्रों को दहेज प्रथा के फायदे बताने वाले नोट्स दिए हैं। इस पर लोगों की कड़ी प्रतिक्रिया मिल रही है। हालांकि, कॉलेज का कहना है कि वो इस मामले की जांच कर रहा है, क्योंकि उसे इसकी जानकारी नहीं है कि छात्रों को पाठ्यक्रम के बाहर की सामग्री क्यों दी गई।


dowry


रेफरेंस मैटीरियल के तौर पर मिले नोट्स

कॉलेज में बीए अंतिम वर्ष के सोशियोलॉजी यानी समाजशास्त्र के छात्रों को ये नोट्स रेफरेंस मैटीरियल के तौर पर दिए गए। इसमें दहेज प्रथा के फायदों के बारे में लिखा गया है कि आमतौर पर इसे एक कुप्रथा माना जाता है, लेकिन कई लोग हैं जो इसका समर्थन करते हैं। वो अपनी परंपरा के तौर पर या फिर किसी और रूप में इसे बचाना चाहते हैं। उनके अनुसार इस प्रथा के कई फायदे हैं। इसके बाद दहेज प्रथा के बाकायदा सात फायदे किताब में लिखे गए हैं।


नोट्स में दहेज के बारे में कही गई हैं ये बातें


dowry notes


- ऐसी ‘बदसूरत’ लड़कियां, हो सकता है जिनकी शादी कभी न हो, ज्‍यादा दहेज देने से उनकी शादी हो जाती है।


- दहेज देकर अच्छे, हैंडसम और शादी के लिए राजी न हो रहे लड़कों को भी शादी करने के लिए राजी किया जा सकता है।


- दहेज में मिले सामान और पैसों से नवविवाहित जोड़ा अपना नया घर शुरू कर सकता है। जिंदगी की कठिन परिस्थितियों का सामना करने में ये पैसे उनकी मदद करते हैं। इसकी मदद से कोई नया व्यवसाय भी शुरू किया जा सकता है।


- दहेज मिलने से पढ़ाई में अच्छे गरीब परिवारों के बच्चे उच्च शिक्षा प्राप्त कर अपना भविष्य बना सकते हैं।


- ज्‍यादा दहेज लाने से परिवार में बहू की अहमियत बढ़ जाती है, उसे ज्यादा प्यार मिलता है। वहीं, कम दहेज लाने वाली बहू को परिवार में उतना प्यार नहीं मिलता।


- कुछ लोग दहेज प्रथा को समाज में अपना स्टेटस बढ़ाने के तौर पर मान्यता देते हैं। उनका मानना है कि अगर अधिक दहेज देकर कोई परिवार अपनी बेटी की शादी हाई स्टेटस वाले यानी उच्च वर्गीय परिवार में कर सकता है, तो वह परिवार ऐसा करने की पूरी कोशिश करता है। इससे उन्हें अपना ‘स्टेटस’ बढ़ाने में मदद मिलती है।


- दहेज के कारण परिवार में शांति और एकता बनी रहती है। कुछ लोगों को लगता है कि दहेज प्रथा को खत्म नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि पिता की प्रॉपर्टी में बेटी को शेयर देने से अच्छा है कि उसे दहेज दिया जाए।


इन सात बातों के बाद नोट्स के अंत में लिखा गया है कि ऊपर दिए इन फायदों का मतलब यह नहीं  है कि यहां दहेज प्रथा की सिफारिश की जा रही है।


नोट्स पाठ्यक्रम का हिस्सा नहीं

इस मामले में कॉलेज प्रवक्ता ने कहा है कि जांच की जा रही है। हम मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। इस तरह के विचार कॉलेज पाठ्यक्रम का हिस्सा कभी नहीं रहे। जिस तरह के विचार इस पन्ने पर हैं, कॉलेज और विभाग उस तरह के प्रगतिविरोधी और पितृसत्तात्मक विचारों का विरोध करते हैं।


Read More:

मार्केट में आई ‘रंग बदलने वाली साड़ी’, पहनने वाले के हिसाब से बदलेगा कलर
कभी किराये के एक कमरे में रहते थे इरफान, 10 साल छोटी लड़की से की है शादी
बिना आधार 31 मार्च तक मिल सकता है सरकारी योजनाओं का लाभ



Tags:                                 

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

0 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments


topic of the week



अन्य ब्लॉग

latest from jagran