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बदल गए ये 5 नियम, जानें आप पर क्‍या पड़ेगा असर

Posted On: 3 Oct, 2017 social issues में

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1 अक्टूबर से देश में कुछ जरूरी सार्वजनिक सेवाओं में बदलाव हुए हैं। इन बदलावों का संबंध खास से लेकर आम आदमी तक के जीवन से है। इनमें बैंकिंग और टेलीकॉम सेक्टर शामिल हैं। आइये आपको बताते हैं कि 1 अक्‍टूबर से क्‍या-क्‍या बदलाव हुए हैं और उन बदलावों से आप कितने प्रभावित हो रहे हैं।


sbi


SBI ने मिनिमम बैलेंस रखने की सीमा घटाई

स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने सेविंग अकाउंट में मिनिमम बैलेंस रखने की सीमा कम कर दी है। पहले मेट्रो शहरों में जहां 5000 रुपये मिनिमम बैलेंस रखना जरूरी था, वहीं अब इसे घटाकर 3000 रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा एसबीआई ने पेंशनभोगियों और नाबालिगों को मिनिमम बैलेंस से छूट दे दी है।


अकाउंट बंद कराने के लिए नहीं देना होगा चार्ज

SBI ने अकाउंट बंद करने के नियमों में भी बदलाव किए हैं। अब आपको एसबीआई में खाता बंद करवाने के लिए कोई चार्ज नहीं देना पड़ेगा। मगर शर्त यह है कि यदि आप खाता खुलवाने के 14 दिन के अंदर या फिर एक साल बाद खाता बंद करवाते हैं, तो चार्ज नहीं लगेगा। वहीं, यदि आप 14 दिन के बाद और 1 साल के अंदर खाता बंद कराते हैं, तो आपको 500 रुपये और जीएसटी देना पड़ेगा।


SBI check


मर्ज हो चुके बैंकों की चेकबुक अमान्‍य

SBI में मर्ज हो चुके सहयोगी बैंकों की चेकबुक 1 अक्टूबर से अमान्य हो चुकी है। इन सहयोगी बैंकों के ग्राहकों को एसबीआई के नए चेक लेने होंगे। मर्ज हो चुके बैंकों में स्‍टेट बैंक ऑफ पटियाला, स्‍टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर, स्‍टेट बैंक ऑफ रायपुर, स्‍टेट बैंक ऑफ ट्रावंकोर, स्‍टेट बैंक ऑफ हैदराबाद और भारतीय महिला बैंक शामिल हैं। इन बैंकों के ग्राहक नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, एटीएम या बैंक शाखा में जाकर नई चेकबुक के लिए आवेदन कर सकते हैं।


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अब टोल देना हुआ आसान

1 अक्टूबर से नेशनल हाइवे पर सभी लेनों में इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ETC) प्रणाली लागू हो गई। इसके लिए जरूरी फास्टैग अब ऑनलाइन उपलब्ध होंगे। एनएचएआई ने माई फास्टैग और फास्टैग पार्टनर नामक दो मोबाइल ऐप भी लॉन्च किए हैं। यानी इसकी मदद से अब आपको टोल देने के लिए लाइन में नहीं लगना पड़ेगा।


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कॉल रेट हो सकती है सस्ती
ट्राई ने 1 अक्टूबर से कॉल इंटरकनेक्शन चार्जेस (आईयूसी) 14 पैसे से घटाकर 6 पैसे प्रति मिनट कर दिया है। यह चार्ज कॉल कनेक्ट करने के लिए एक टेलीकॉम ऑपरेटर द्वारा दूसरे ऑपरेटर को दिया जाता है। ऐसे में संभावना है कि अब फोन करना सस्ता हो जाएगा है।


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देश में हो चुके हैं ये बड़े बदलाव, आप भी होंगे प्रभावित

बदल गए ये 5 नियम, आप पर भी पड़ेगा इसका प्रभाव

1 अक्‍टूबर से देश की कुछ जरूरी सार्वजनिक सेवाओं में बदलाव हुए हैं। इस बदलाव का पूरा संबंध खास से लेकर आम आदमी तक के जीवन से है। इसमें बाजार में मिलने वाली वस्‍तुओं से लेकर, बैंकिंग और टेलिकॉम सेक्‍टर तक शामिल हैं। आइये आपको बताते हैं उन बदलावों के बारे में जिसका प्रभावे आप पर भी पड़ेगा।



एसबीआई ने सेविंग अकाउंट में मिनिमम बैलेंस रखने की सीमा कम कर दी है। पहले मेट्रो शहरों में जहां पांच हजार रुपये की मिनिमम बैलेंस रखना जरूरी था, वहीं अब इसे घटाकर तीन हजार रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा एसबीआई ने पेंशनभोगियों और नाबालिगों को मिनिमम बैलेंस से छूट दे दी है।


इसके बाद एसबीआई ने अकाउंट बंद करने के नियमों में भी बदलाव किए हैं। अब आपको एसबीआई में खाता बंद करवाने के लिए कोई चार्ज नहीं देना पड़ेगा। मगर शर्त यह है कि या तो आप खाता खुलवाने के 14 दिन के अंदर या फिर एक साल बाद खाता बंद करवाएंगे, तो शुल्‍क नहीं लगेगा। वहीं, यदि आप 14 दिन के बाद और 1 साल के अंदर खाता बंद कराते हैं, तो आपको 500 रुपये और जीएसटी देना पड़ेगा।

एसबीआई में मर्ज हो चुके बैंकों की चेकबुक 1 अक्टूबर से अमान्‍य हो चुकी है। इन सहयोगी बैंकों के ग्राहकों को एसबीआई के नए चेक लेने होंगे। ग्राहकों को नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, एटीएम या बैंक शाखा में जाकर नई चेकबुक के लिए आवेदन करना होगा।

कॉल रेट हो जाएंगी सस्ती

ट्राई ने 1 अक्टूबर से कॉल इंटरकनेक्शन चार्जेस (आईयूसी) 14 पैसे से घटाकर 6 पैसे प्रति मिनट कर दिया है। आईयूसी कॉल कनेक्ट करने के लिए एक टेलीकॉम ऑपरेटर द्वारा दूसरे ऑपरेटर को दिया जाता है। ऐसे में संभावना है कि अब फोन करना सस्‍ता हो सकता है।

टोल देने के लिए नहीं करना पड़ेगा इंतजार

1 अक्टूबर से नेशनल हाइवे पर सभी लेनों में इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ETC) प्रणाली लागू हो गई। इसके लिए जरूरी फास्टैग अब ऑनलाइन उपलब्ध होंगे। एनएचएआई ने माई फास्टैग और फास्टैग पार्टनर नामक दो मोबाइल ऐप भी लॉन्च किए हैं। यानी इसकी मदद से अब आपको टोल देने के लिए लाइन में नहीं लगना पड़ेगा।



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