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स्कूली बच्चों पर बढ़ती यौन हिंसा को देखते हुए NCERT ने उठाया ये कदम, आपकी भी बढ़ेगी जिम्मेदारी

Posted On: 22 Sep, 2017 Social Issues में

Pratima Jaiswal

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हमारे स्कूल में एक कंप्यूटर टीचर थे, वो जब भी क्लास में आते बच्चों से गाने-डांस की फरमाइश करते थे. सबसे खास बात ये कि जब उन्हें किसी लड़की का डांस अच्छा लगता, तो उसकी पीठ पर बड़े ही अजीब ढंग से हाथ थपकी देते थे. उनकी इस अजीबों-गरीब आदत के चलते सिलेबस बहुत पीछे छूटता जा रहा था. 5वीं क्लास के बच्चे इस स्थिति से कैसे निपटे, ये किसी को समझ नहीं आ रहा था. तभी क्लास के बच्चों की सलाह बनी कि प्रिंसिपल मैडम से स्कूल में आते ही उस टीचर की शिकायत की जाएगी.


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बच्चों ने हिम्मत जुटाकर शिकायत की और अगले ही दिन टीचर में बदलाव देखने को मिला. अब हर दिन क्लास में आते ही कंप्यूटर टीचर सिर्फ पढ़ाने पर जोर देते थे. हमारी क्लास टीचर ने हमें आकर बताया कि टीचर को खूब डांटा गया है और सस्पेंड करने की चेतावनी दी गई. तब जाकर उनकी हरकतों में सुधार हुआ है. इसके बाद क्लास टीचर ने ‘गुड टच और बैड टच’ (good touch, bad touch) के बारे में बताया. इसका मतलब था कि हम किसी के स्पर्श को पहचान सके कि वो हमें किस इरादें से छू रहा है. उस दिन पहली बार ‘गुड टच और बैड टच’ नाम की चीज समझ आई थी. स्कूल के दिनों में जो बात हमें कभी टीचर ने बताई थी, अब उसी सबक को NCERT की किताबों में जोड़ा जाएगा.


बच्चों पर बढ़ती यौन हिंसा के अपराधों को देखकर लिया गया फैसला

गुडगांव के स्कूल में प्रदुम्यन मर्डर केस सामने आने के बाद से बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे थे. वहीं बीते सालों में ऐसी कई घटनाएं देखने को मिली है, जब स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे यौन हिंसा का शिकार हुए हैं. गांव और शहरी दोनों क्षेत्रों में बच्चों पर हुई यौन हिंसा के मामले लगातार बढ़ते हुए दिख रहे हैं, जिसके चलते NCERT ने ये कदम उठाया है, जिससे बच्चे किसी बुरे अनुभव का सामना करने पर अपने माता-पिता और परिजनों को खुलकर बात बता सके.


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अगले सत्र में जुड़ जाएगा चैप्टर

NCERT के निदेशक ऋषिकेश श्रीवास्तव ने कहा कि ऐसे प्रयास लगातार किए जाने चाहिए, ताकि बच्चों को इन हालातों से निपटने में मदद मिले. सिलेबस में बदलाव नए सेशन से दिखेगा. इसके तहत NCERT की सभी किताबों में कवर पेज के पीछे बैड टच और गुड टच के बारे में जानकारी रहेगी. इससे पहले दिल्ली सरकार ने गुड टच और बैड टच के बारे में पोस्टर जारी किए थे.



good touch bad touch


घरवालों को भी समझनी होगी जिम्मेदारी

NCERT की इस पहल की तारीफ की जानी चाहिए लेकिन साथ ही बच्चों के माता-पिता और परिजनों को भी अपने जिम्मेदारी समझनी होगी कि बच्चों को रिश्तेदारों और आस पड़ोस के लोगों को ‘नमस्ते’ कहने के संस्कार के साथ, ये भी समझाए कि रिश्तेदार या आस पड़ोस का कोई भी व्यक्ति, उनके साथ कोई भी वैसी हरकत करे, जिससे कि वो असहज महसूस करें, तो तुंरत आकर बताएं…Next


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