blogid : 316 postid : 1144898

30 सालों से अपने चेहरे को छुपा रखा है इन 7 महिलाओं ने, नाम है ‘गोरिल्ला गर्ल्स’

Posted On: 10 Mar, 2016 social issues में

Pratima Jaiswal

  • SocialTwist Tell-a-Friend

‘क्या दुनिया में नामचीन म्यूजियमों में जाने के लिए महिलाओं को अपने कपड़े उतारने (न्यूड) पड़ेगें’. सुनने में ये सवाल थोड़ा अटपटा जरूर लग सकता है लेकिन ‘मॉर्डन आर्ट वर्ल्ड’ के हालात तो कुछ ऐसा ही इशारा करते हैं. क्योंकि मॉर्डन आर्ट वर्ल्ड में सिर्फ 5% महिलाएं कलाकार ही हैं जबकि यहां मौजूद 85% महिलाओं के न्यूड आर्ट के नमूने देखने को मिल जाएगे. सबसे पहले साहित्य और कला जगत में ऐसे ही दोहरे मापदंडों पर सवाल उठाया ‘गोरिल्ला गर्ल्स’ ने. अपने नाम की तरह ही इन सात बेनाम लड़कियों ने 1985 में ‘गोरिल्ला’ का मास्क पहनकर अपनी पहचान छुपा ली.



gorilla girls

Read : वो इन बदनाम गलियों में आते ही क्यों हैं?


1985 से इन्होंने अपनी ही तरह के एक अनोखे आंदोलन की शुरूआत की, जिसका मकसद महिलाओं को साहित्य, राजनीति और संगीत आदि के क्षेत्र में समानता दिलाने का था. कहा जाता है कि अमेरिका से शुरू हुए इस अनोखे आंदोलन की सबसे खास बात ये है कि इससे जुड़े हुए लोग कभी भी अपना चेहरा और अपनी पहचान किसी के सामने जाहिर नहीं करते. खुद ‘गोरिल्ला गर्ल्स’ भी हर जगह गोरिल्ला मास्क पहनकर जाती हैं.


gorilla pic

साहित्य और कला के क्षेत्र में भेदभाव के कई उदाहरण पेश करती हुई ये ‘गोरिल्ला गर्ल्स’ कहती हैं ‘आपको पता है कि सबसे ज्यादा कहानियां महिलाओं पर ही लिखी जाती है लेकिन जब बात होती है इस क्षेत्र में अवार्ड मिलने की, तो महिलाओं की दावेदारी नाममात्र ही दिखाई देती है क्योंकि 95% अवार्ड पुरुषों की झोली में गिरते हैं.’ दूसरी तरफ बीते तीस सालों में इनकी ये मुहिम कितनी कामयाब हुई? ये सवाल पूछने पर गोरिल्ला गर्ल्स मुस्कुराते हुए कहती हैं ‘किसी भी बात को यदि सेंस ऑफ ह्यूमर के साथ कहा जाए, तो वो बात सभी को लंबे समय तक याद रहती है.


gorilla


Read : यूं ही नहीं अपनाया बार बालाओं ने जिस्मफरोशी का धंधा, क्या वो फिर लौट पांएगी?


ऐसा हम नहीं कहते बल्कि वैज्ञानिकों का मानना है.’ साथ ही बदलाव के बारे में इनका कहना है कि हमारी किताब ‘गोरिल्ला गर्ल्स: बेडसाइड कम्पेनियन टू द हिस्ट्री ऑफ वेस्टर्न आर्ट’ (The Guerrilla Girls’ Bedside Companion to the History of Western Art). आज अमेरिका समेत कई देशों में पढ़ाई जाती है. साथ ही हमारे व्यंग्य और मजाक के साथ लिखे गए बेहतरीन पोस्टर और बिल बॉर्ड को, उन म्यूजियमों में जगह दी गई है जो पहले हमारा विरोध करते थे. इससे बड़ी बात क्या होगी कि ये लोग भी समाज के दोहरे मापदंडों का विरोध करने लगे हैं.


gorilla girls slogan


गोरा रंग, लंबे खूबसूरत बाल और मेकअप से चमचमाते चेहरे, जहां समाज ने स्त्री की खूबसूरती का पैमाना बनाया हुआ है, वहां इन ‘गोरिल्ला गर्ल्स’ ने अपने चेहरे को गोरिल्ला मास्क से ढककर ये संदेश दिया है कि इंसान ही नहीं, बल्कि जंगली जानवर भी अपने आप में ही खूबसूरत है. जिनकी असल खूबसूरती को देखने के लिए आपको बस एक खूबसूरत नजरिया चाहिए. उल्लेखनीय है कि अब तक करीब 50-60 महिलाएं इस गैंग का हिस्सा बन चुकी हैं, वहीं ऐसे पुरुषों की भी कमी नहीं है जो इन ‘गोरिल्ला गर्ल्स’ से जुड़ना चाहते हैं. लेकिन फिलहाल इस गैंग में महिलाओं को ही शामिल किया गया है…Next

Read more

नींद के सौदागर करते हैं 30 रुपए और एक कम्बल में इनकी एक रात का सौदा

जमीन पर ही नहीं आसमान में भी लड़ते हैं महिला-पुरुष

क्या एक बार इन्हें गले से नहीं लगाना चाहेगें आप?




Tags:                                     

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

0 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments


topic of the week



अन्य ब्लॉग

latest from jagran