blogid : 316 postid : 925186

चमड़ी की इज़्ज़्त उसके रंग से होती है

Posted On: 30 Jun, 2015 social issues में

Mukesh Kumar

  • SocialTwist Tell-a-Friend

चमड़ी की कीमत होती है, चमड़ी की इज़्ज़त होती है. चमड़ी की कीमत और इज़्ज़्त उसके निखार से तय होती है. जिसकी चमड़ी पर ज्यादा निखार होता है उसमें श्रेष्ठता का भाव उतना ही घर किये होता है. श्रेष्ठता का एहसास ही चमड़ी का वर्चस्व स्थापित करने में मददगार होता है. वर्चस्व बनाये रखने के लिए चमड़ियों का वर्गीकरण कर दिया गया है. अफ़वाह है कि चमड़ियों का वर्गीकरण रंगों के आधार पर किया गया है. कथित श्रेष्ठता के क्रमानुसार गोरी, साँवली और काली! दरअसल इसके अलावा भी व्यवहार में चमड़ी के कई वर्ग हैं.


Emergency

सिक्किम की महिला की पीठ पर सवारी करता अंग्रेज़


मंत्रियों की चमड़ी कार्यकर्ताओं की चमड़ी से, किसानों की चमड़ी व्यापारियों की चमड़ी से, मास्टरों की चमड़ी चपरासियों की चमड़ी से, रिक्शेवालों की चमड़ी चमचमाती कार चलाने वालों की चमड़ी से, प्रबंधकों की चमड़ी संपादकों की चमड़ी से, प्रकाशकों की चमड़ी लेखकों की चमड़ी से, यात्रियों की चमड़ी कुलियों की चमड़ी से, स्त्रियों की चमड़ी पुरूषों की चमड़ी से, मालिकों की चमड़ी नौकरों की और ऐसे ही खोमचेवालों की चमड़ी मॉल वालों की चमड़ी से मेल नहीं खाती.


Read: यहां रंगों से नहीं चिता-भस्म से खेली जाती है होली


उदारवाद के दौर में चमड़ियों की कीमतें तय की जाने लगी. प्राथमिकता मिली गोरी नारी की चमड़ी को. शर्त बस एक थी. ज्यादा चमड़ी दिखाने वाली की माँग आसमान छूती गयी. गोरी चमड़ियाँ दिमाग टटोलने लगी, गोरी चमड़ियाँ भेजों को भरमाने लगी. गोरी चमड़ियों ने दिमाग को भोगी बना दिया.


color discrimination


क्या साबुन, क्या सर्फ़! गोरी चमड़ियों पर खुलेआम साबुन मला जाने लगा. गोरी चमड़ियों के प्रदर्शन के लिए कपड़े छोटे किये जाने लगे. गोरी चमड़ी ने काली चमड़ी को तुच्छता के ब्लैक होल में ढ़केल दिया. फिर तुच्छता के एहसास के बाद साँवली, काली चमड़ियों को फलाँ-फलाँ क्रीम का बूस्टर दिया गया. काली चमड़ी में भी गोरी चमड़ी की उम्मीदों का प्रवाह हुआ. काली चमड़ी की भी प्रदर्शनी होने लगी.


Read: आम की तरह है इस लाल रंग के केले का स्वाद


ये वर्गीकरण सच्चाई के धरातल पर और भी कट्टु अनुभव कराते हैं. किसी के लिये सुकून भरे और किसी के लिए अपमान भरे. चमड़ी की रंगों का यह वर्गीकरण दूसरे सभी वर्गीकरणों पर हावी होकर उन्हें निम्न दर्ज़े का साबित करने में सफल हो गया.Next…..

Read more:

क्यों हैं चीन के इस गांव के लोग दहशत में, क्या सच में इनका अंत समीप आ गया है

आखिर बंधकों को नारंगी कपड़े पहनाकर ही क्यों हत्या करता है आईएस?

इंटरनेट पर वायरल हुए इस अजूबे ड्रेस के पीछे ये है रहस्य



Tags:                         

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

0 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments


topic of the week



अन्य ब्लॉग

latest from jagran