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रेप से बचने के लिए लड़की ने अपनाया ये हथकंडा!

Posted On: 21 May, 2015 social issues में

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बलात्कार जघन्य अपराध से अधिक घृणित और अमानवीय कामों की श्रेणी में आता है. एक स्थिति की कल्पना कीजिये जब कोई विकृत मानसिक वाला मर्द किसी स्त्री के साथ दुराचार करने की कोशिश करता है. इस स्थिति की कल्पना के साथ ही पाठकों के मन-मस्तिष्क में समाचार-पत्रों में आये दिन छपने वाले संबंधित ख़बरें तैर गयी होगी. ऐसी अधिकांश ख़बरों में पाठकों को पता चलता है कि किसी युवती के साथ उसकी इच्छा के विपरीत यौनाचार किया गया और फलाँ-फलाँ.


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अब एक दूसरी स्थिति की कल्पना कीजिये जिसमें किसी मर्द ने एक युवती को धर-दबोचा हो और उसके साथ अपनी हवस को शांत करने की कोशिशों में लगा हो. ठीक उसी वक्त लड़की ने पलटवार करते हुए बलात्कार की मंशा पाले मर्द को पीट-पीट कर अधमरा कर दिया हो और अपनी जान बचाने के लिये वो भाग खड़ा हुआ हो!


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बिल्कुल यही हुआ इंग्लैंड के चैल्टैनहेम में मार्क विल्लिस के साथ. मन में विकृत मंशा लिये 39 वर्षीय मार्क लड़की पर टूट पड़ा. वह लड़की सुबह दो बजे अपने घर की ओर जा रही थी. मार्क विल्लिस ने उसे दीवार की ओर धकेल दिया और उसके शॉर्ट्स खींचने की कोशिश करने लगा. इस दौरान उसने लड़की को उसका साथ देने को कहा. गिरफ़्त में फँसी लड़की ने पहले तो उसे ऐसा न करने की सौगंध दी जिसके प्रतिक्रिया स्वरूप मार्क ने उसे पीटा. पीड़िता ने छटपटाटे हुए उससे बचने की कोशिशें की, लेकिन वह सफल नहीं हुई. इस बीच मार्क विल्लिस उसे काबू में करने का प्रयास करता रहा.


Gloucester crown court



दबाव और बढ़ती छटपटाहट के कारण मुक्केबाज युवती ने अपनी दोनों टाँगों के मध्य उसकी गर्दन पूरी ताक़त से उसी तरह दबायी जैसे कैंची से कटते वक़्त कोई वस्तु होती है. अब दर्द सहने की बारी मार्क विल्लिस की थी.


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अत्यधिक दबाव के कारण कुछ ही देर में मार्क का शरीर शिथिल पड़ने लगा. छटपटाहट के कारण जबरन यौनाचार की उसकी इच्छा काफ़ूर हो गयी. उस पीड़ा के कारण वह जैसे-तैसे स्वयं को छुड़ाकर वहाँ से भाग खड़ा हुआ. ग्लोकेस्टर की अदालत इस मामले में सज़ा को कुछ दिनों के लिये मुल्तवी कर दिया, लेकिन लड़की को बहादुर बताते हुए उसे 500 ब्रिटिश पाउंड ईनाम के रूप में दिया.Next…


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