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180 डिग्री के ईर्द-गिर्द है इस बेटे की जिंदगी, मौत मांग रहे हैं अपने इस बेटे के लिए मां बाप

Posted On: 18 Apr, 2015 social issues में

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वह खुद खाना नहीं खा सकता. वह दूसरे बच्चों की तरह भाग-दौड़ नहीं कर सकता और उछल-कूद तो बिल्कुल नहीं. जब उसके दो भाई और एक बहन खेलते-खाते हैं तो वह उन्हें देखता है टुकुर-टुकुर. वह दर्द से कराहता है, मन ही मन कुछ सोचता है, अपने ऊपर जैसे किसी गठरी का बोझ लिये बैठे रहता है दिन-भर चुपचाप-ग़ुमसुम! लेकिन कोई उसे ठीक नहीं करता.



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अष्टावक्र की तरह उसके आठ अंग टेढ़े नहीं है. केवल उसकी गर्दन टेढ़ी है, वो भी 180 डिग्री. उसके मजदूर पिता मजबूर हैं. वह अपने बेटे के उपचार के लिये अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में दो सप्ताह रह कर आये हैं. इसके अलावा देश के करीब 50 चिकित्सकों को पहले ही दिखा चुके हैं. जिसके बेटे की टेढ़ी गर्दन को देख चिकित्सकों ने हाथ खड़े कर दिये हों उसका साथ केवल बेबसी और पीड़ा देती है. बेबसी अपने बेटे की पीड़ा को देख उसे ठीक ना कर पाने की और पीड़ा उसकी बेबसी को महसूस करने की!


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मध्य प्रदेश के एक गाँव में रहने वाले मजदूर महेंद्र अहिरवार के 12 वर्षीय बेटे की ज़िंदगी दूभर हो चुकी है. उसे एक बीमारी है जो सामान्य रूप से कम ही देखी जाती है. उसकी गर्दन 180 डिग्री पर लटकी रहती है. चलना तो दूर वो अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो सकता. बैठे रहना उसकी मजबूरी है और उसकी माँ उसके खाने और अन्य दैनिक कार्यों को करवाने का एक सहारा.


father boy 180 degree neck


उसकी माँ सुमित्रा उसे अकेले नहीं छोड़ती. लेकिन उसे पता है कि वह हर समय उसके साथ नहीं रह सकती. जन्म के छह माह बाद ही उसकी गर्दन एक ओर झुकने लगी थी. तब से उसका परिवार परेशान है. यह सोच कर कि उसकी इस परेशानी का उपचार शायद उसके पास नहीं है, वह अपने बेटे को कई चिकित्सकों के पास ले गयी.


mother boy 180 degree neck


चिकित्सकों के हाथ खड़े कर देने के बाद वह अपने उस बेटे के लिये मौत चाहती है जिसे उसने अपनी कोख़ से जन्म दिया है. वह मौत को ऐसी जिंदगी से अच्छा मानती है. वह मजबूर है, निष्ठुर नहीं!Next….


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2 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Kanchan Tyagi के द्वारा
April 21, 2015

Can we show him in AIIMS once again ???

dilip के द्वारा
April 19, 2015

भगवान भी मुहफेर बैठाहै हमईस बिचारेको क्याकरसकते है, भगवान किउ ईतना लाचार होकर बैठाहै,


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