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साईकिल मैकेनिक की ये बेटी देगी न्यूयॉर्क में भाषण

Posted On: 7 Nov, 2014 social issues में

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एक साईकिल मिस्त्री की 17 वर्षीय बेटी का चयन न्यूयॉर्क में होने वाले एक कार्यक्रम के लिए किया गया है जहाँ वो बाल विवाह के ऊपर भाषण देगी.तब्बू अफरोज़ के पिता राँची में साईकिल मिस्त्री का काम करते हैं जिसकी बेटी भारत की तरफ से इस कार्यक्रम के लिए नामित होने वाली एकमात्र लड़की है. एक अंतर्राष्ट्रीय गैर सरकारी संगठन ने उसके गृहनगर में बाल-विवाह की रोकथाम में उसके सराहनीय प्रयास के लिए उसे नामित किया है.



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ब्रेकथ्रू में अर्ली मैरिज प्रोजैक्ट के उप-निदेशक चंद्र नाथ मिश्रा ने यह जानकारी देते हुए कहा कि ‘न्यूयॉर्क में होने वाले इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए केवल तब्बू को चुना गया है. तब्बू के नाम का चुनाव बाल-विवाह पर लोगों को जागरूक करने के उसके प्रयासों के लिए किया गया है.’


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तब्बू को इसकी प्रेरणा 15 वर्ष की उम्र में मिली थी जब 17 वर्षीय उसकी बहन को शादी के कारण स्कूल की पढाई छोड़नी पड़ी थी. अपने स्कूल में ही गैर सरकारी संगठनों के कार्यक्रम में उसने सुना था कि बाल-विवाह गैर-कानूनी है. इस कारण उसने अपने परिवार के सदस्यों को इस शादी को रोकने के लिए प्रेरित किया.तब्बू कहती है कि जब उसने बाल-विवाह जैसी कुप्रथा के खिलाफ़ आवाज़ उठानी शुरू की तो घरवालों ने उसे बहुत बुरा-भला कहा. फिर अपनी बहन को बचाने के लिए उसने अपने शिक्षकों से मदद माँगी. शिक्षकों ने कुछ गैर-सरकारी संगठनों से संपर्क साधा और उनकी मदद से उसने अपनी बहन को बचा लिया.तब से वो अपने गली-मोहल्लों और गृहनगर में लोगों को बाल-विवाह के प्रति जागरूक करते आ रही है. इसके साथ ही वो लोगों को यह बताती है कि लड़कियों के लिए शिक्षा क्यों जरूरी है.


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तब्बू के पिता मोहम्मद रमज़ान अपनी बेटी की इस सफलता पर गदगद हैं. वो अपनी बेटी के प्रति कृतज्ञता भी जताते हैं जिसने अपनी बहन की कम उम्र में होने जा रही शादी को रूकवा दिया.उसके पिता कहते हैं कि, ‘हम बहुत गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हैं जिसमें बेटियों को ज्यादा पढ़ने नहीं दिया जाता है. उनका विवाह भी जल्दी ही करा दिया जाता है. लेकिन अब जब मेरी बेटी पढ़ रही है तो मुझे गर्व होता है कि उसे अच्छी नौकरी मिल जाएगी और वो सम्मानपूर्वक अपनी ज़िंदगी जी सकेगी.’


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