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पढ़िए सेना के जवानों की हवस का शिकार बनी सैकड़ों औरतों की दिल दहला देने वाली कहानी

Posted On: 11 Jun, 2014 social issues में

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सेना के ये जवान रात के अंधेरे में गुट बनाकर बाहर निकलते तो हैं लेकिन इनका उद्देश्य अपने दुश्मन के ठिकानों का पता लगाना नहीं बल्कि निर्दोष औरतों को खोजकर उनका बलात्कार करना होता है. ऐसा वो किसी रंजिश के कारण नहीं बल्कि औरतों को अपनी हवस का शिकार बनाकर उन्हें अच्छा लगता है, सिर्फ इसलिए वो ऐसा करते हैं. वे महिलाएं जो इस जंगली सेना से बचने के लिए अपने-अपने घर छोड़कर जंगलों में छिपने चली जाती हैं उन्हें किसी भी हाल में ढूंढ़ निकालने और फिर उनका शारीरिक शोषण करने के लिए प्रतिबद्ध सेना के जवान खुद को स्वतंत्र महसूस करने के लिए किसी भी हद तक गुजर जाते हैं.

congolese


हम बात कर रहे हैं रिपब्लिक ऑफ कांगो सेना की जो अमानवीयता की हर हद पार करने के लिए खुद को तैयार कर चुकी है और सिर्फ इसलिए कि वह पुरुष हैं, महिलाओं का जी भरकर और मनचाहे तरीके से शोषण करने के लिए प्रतिबद्ध है.


महिलाओं के भीतर कांगो की सेना का खौफ कुछ इस कदर भरा पड़ा है कि वह जानती हैं कि अगर वह सेना के हाथ लग गई तो उनकी इज्जत उनसे छिन जाएगी और बहुत हद तक संभव है कि मन भरने के बाद सेना के जवान उनकी हत्या भी कर दें.


congo rape victim

रिपब्लिक ऑफ कांगो के की सेना के एक जवान का कहना है कि उन्हें उनके कमांडर द्वारा यह आदेश दिए जाते हैं कि जाकर वह महिलाओं का बलात्कार करें क्योंकि ऐसा करने से उन्हें स्वतंत्र होने का एहसास होगा. जवान का कहना है कि ‘महिलाएं शारीरिक रूप से कमजोर होती हैं इसलिए हम उनका बलात्कार करते हैं, हमें जो भी महिला, जहां भी मिलती हैं हम उन्हें वहीं अपना शिकार बना लेते हैं. उनका शारीरिक शोषण करते हैं और रेप करने के बाद उनकी और उनके बच्चे की हत्या तक भी कर देते हैं.’



congo

मिनोवा में नवंबर 2012 में हुई मास रेप की बेहद अमानवीय घटना, जिसमें दो दिनों के भीतर करीब 97 महिलाओं और 33 लड़कियों का बलात्कार किया गया था, की शिकार रही गिरा का कहना है कि सेना के तीन जवानों ने मिलकर उसका बलात्कार किया, यह सब इतना खौफनाक था कि वह बस अपने मरने की ही दुआ करने लगी थी.


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बंदूक की नोक पर सेना के ये जवान महिलाओं की इज्जत के साथ खिलवाड़ करते हैं. मसिका जब मात्र 15 वर्ष की थी तब एक स्कूल टीचर ने उसका बलात्कार किया था. कुछ वर्षों बाद उसके पति को मारने से पहले सेना के इन जवानों ने उसका और उसकी दो बेटियों का भी बलात्कार किया था.

depressed woman


इस बेहद जघन्य वारदात का दर्द अपने सीने में छिपाकर जी रही मसिका ने रेप पीड़ितों के संरक्षण के लिए एक संस्था शुरू की लेकिन इस संस्था की महिलाओं के साथ भी उसी के सामने बलात्कार किया गया. मसिका का कहना है कि वह बलात्कार पीड़ितों की मदद कर रही है इसलिए सेना के जवान उसे अपना टार्गेट बनाने लगे हैं, अभी तक तीन बार उसके साथ बलात्कार किया जा चुका है.  सेना के जवान तो स्पष्ट कहते अहिं कि वह तबाही मचाते हैं, बलात्कार करते हैं, हत्या करते हैं, जो भी उनके रास्ते में आता है उसे खत्म कर देते हैं.


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मिनोवा में हुई मास रेप की घटना इकलौती ऐसी वारदात नहीं है, अमेरिकन जर्नल ऑफ पब्लिक हेल्थ की मानें तो डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में 1,152 महिलाओं का हर दिन या 48 महिलाओं का हर घंटे बलात्कार किया जाता है. आंकड़ों की मानें तो रिपब्लिक ऑफ कांगो की करीब 12 प्रतिशत महिलाओं को अपने जीवन में एक बार तो बलात्कार का सामना करना ही पड़ा है.


women

विश्व के इतिहास पर नजर डाली जाए तो युद्ध के समय महिलाओं को  ही सॉफ्ट टार्गेट मानकर सबसे पहले उन्हें अपना शिकार बनाया जाता है. वर्तमान समय में भले ही युद्ध के हालात कम ही बनते हों लेकिन पारिवारिक रंजिश के दौरान भी महिलाओं को ही कीमत चुकानी पड़ती है. वैश्विक स्तर पर महिलाओं के उत्थान, उनकी स्वतंत्रता और सम्मानजनक जीवन जीने के अधिकार  जैसी बातें तो हम खूब करते हैं लेकिन पर्दे के पीछे की सच्चाई से हम चाहकर भी पल्ला नहीं झाड़ सकते क्योंकि ये वो हकीकत है जो हमें हमारा ही आइना दिखाती है कि हम क्या हैं और हमारी मानसिकता किस ओर जा रही है.


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क्या वाकई ‘अल्लाह’ ने उन्हें बाजार में बेचने का फरमान जारी किया है! जानना चाहेंगे डर के साये में जीने को मजबूर करती यह घटना?

उस शराब की बोतल से जुड़ी थी हिटलर की किस्मत, अब यह मनहूस बोतल किसके नसीब में होगी यह वक्त बताएगा

उनकी रूह का भी सौदा कर डालता है ये समाज

Web Title : real stories of rape victims



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3 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Morey के द्वारा
October 17, 2016

Quando negli anni ottanta sentii parlare per la prima volta di un Macintosh il mio amico studente (allora) di ingenreria elettronica mi disse: "è un giocattolo per bambinoni amqatcrni&euoi;. Questo è un atteggiamento che si ripete sempre ad ogni nuovo prodotto Apple.Comunque SICURAMENTE per una brutta abitudine dilbertesca di Apple verrà perfezionato strada facendo: tra un annetto ne riparleremo.

shankar singh kushwaha के द्वारा
June 11, 2014

कागो की सेना बदमासी सरम की बात है

surendra shukl bhramar5 के द्वारा
June 11, 2014

आज की दुनिया जो इतना विकसित हो चुकी है उसमे ऐसा घिनौना सच देख कर रूह काँप जाती है अमानवीयता की हद है कायर हैं ये लोग


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