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Best age to get married for girls!!

Posted On: 5 Jul, 2012 में

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Right age to get married


भारतीय समाज में हमेशा से ही बेटियों को पराए धन की संज्ञा दी जाती है. जिस घर में बेटी जन्म लेती है उसे उसका घर ही नहीं माना जाता. यही वजह है कि अभिभावक अपनी बेटी को जल्द से जल्द उसके पति के घर भेजने का प्रयत्न करने लगते हैं.


एक समय था जब बहुत कम उम्र में ही बच्चियों का विवाह कर दिया जाता था. बाल-विवाह जैसी कुप्रथाओं की प्रधानता वाले भारत देश में उस उम्र में बच्चियों को गृहस्थी संभालने की जिम्मेदारी दे दी जाती थी जिस आयु में वह अपने हर कार्य के लिए अपने माता-पिता पर निर्भर रहती थीं. महिलाओं को ना तो पढ़ने की आजादी थी और ना ही परिवार के भीतर या बाहर उन्हें कोई विशेषाधिकार दिए गए थे. ऐसे में यह निश्चित था कि उसके जीवन से जुड़ा हर छोटा-बड़ा निर्णय उसके माता-पिता द्वारा ही लिया जाएगा. समय बदला और महिलाओं के हितों के प्रति भी लोगों का ध्यान आकर्षित हुआ. उन्हें शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुहिम चलाई गई जिसके परिणामस्वरूप महिलाओं के भीतर भी पढ़ने और स्वावलंबी बनने की इच्छा जागृत हुई. परिवारों ने भी उनके इस कदम को सराहते हुए उन्हें पूर्ण समर्थन दिया. महिलाओं के हित में हुए इस बदलाव का सीधा प्रभाव उनके विवाह की उम्र में देखा गया. पुरुषों के समान आत्मनिर्भर और पढ़ने की इच्छा रखने वाली महिलाओं के विवाह करने की उम्र में महत्वपूर्ण बढ़ोत्तरी हुई और वह 28-30 वर्ष की उम्र में विवाह करने लगीं. 90 के दशक में अधिकांश महिलाओं ने इसी उम्र में विवाह किया.


लेकिन हैरानी वाली बात यह है कि आधुनिकता और शिक्षा के विस्तृत होते क्षेत्र के बावजूद आज महिलाओं के विवाह करने की उम्र में बढ़ोत्तरी नहीं हुई बल्कि कमी आई है. आज वह 25 की आयु में पहुंचने से पहले ही अपने जीवनसाथी के घर जाने की इच्छा रखने लगी हैं.

why women wants to get married in early age


एक वैवाहिक मैट्रिमोनियल साइट जीवनसाथी डॉट कॉम के द्वारा हुए इस सर्वेक्षण में आए नतीजों के अनुसार देश में ऐसी महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है जो 25 से पहले ही विवाह करना चाहती हैं.


2010-2012 के आंकड़ों पर आधारित इस रिपोर्ट के अनुसार तमिलनाडु और दिल्ली जैसे राज्यों में विवाह जल्दी करने वाली लड़कियों का प्रतिशत तेजी से बढ़ रहा है.  गुजरात में 54 और आंध्र प्रदेश में 53 प्रतिशत महिलाओं का विवाह 25 वर्ष की उम्र से पहले ही हो गया है. शोधकर्ताओं का यह भी कहना है कि पंजाब, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में भी लड़कियों के जल्दी विवाह बंधन में बंधने की प्रवृ


वेबसाइट के व्यवसाय प्रमुख रोहित मंगनानी का कहना है कि भले ही हम यह सोचें कि आज के समय में महिलाओं को देर से विवाह करने में कोई आपत्ति नहीं है लेकिन सर्वेक्षण यह स्थापित करता है कि आज महिलाएं अपनी इच्छा से 23-25 की उम्र में विवाह कर लेना चाहती हैं.  इसके पीछे विभिन्न सामाजिक-आर्थिक कारक और साथ-साथ व्यक्तिगत प्राथमिकताएं भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं.


जल्दी विवाह करने की प्रवृत्ति विशेषकर उन महिलाओं में अधिक देखने को मिलती हैं जो बिजनेस क्लास या आर्थिक तौर पर संपन्न परिवार से संबंध रखती हैं. प्राय: देखा जाता है कि वे महिलाएं जिनके अभिभावक जॉब करते हैं वह भी अपनी पहचान स्थापित करने के लिए प्रयासरत रहती हैं.


वैसे विवाह किस उम्र में करना है यह मसला व्यक्तिगत और पारिवारिक दोनों तरह से महिलाओं को प्रभावित करता है. विवाह एक बड़ी जिम्मेदारी होती है, जिसे निभाने के लिए पूर्ण समर्पण की जरूरत होती है. यही वजह है कि महत्वाकांक्षी महिला कभी जल्दी विवाह करने की नहीं सोच सकतीं वहीं दूसरी ओर जिन महिलाओं को पारिवारिक जिम्मेदारियों को निभाने में खुशी मिलती है उनके लिए विवाह की यह उम्र उपयुक्त है.


Is it better to get married in early age, why women prefer to get married between the age of 23-25.



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6 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

vivek.kumar sha के द्वारा
December 13, 2015

हम.अाप की बात की कदर कऱतै है हमारी  5 साल कि बौटी कै साथ ऐसा ही ऐैक हौवान भागलपूर 1 साल सै जैल की काल कौटरी मै बनद है 

vivek.kumar sha के द्वारा
December 13, 2015

भोग ग्रसित मानसिकता के कारण पुरुष अब ना सिर्फ महिलाओं को अपना निशाना बनाते हैं, बल्कि स्कूल जाने वाले छोटे बच्चे या फिर दूधमुंही बच्चियां भी उनकी विक्षिप्त मानसिकता का शिकार बन जाती हैं. सेक्स की भूख मिटाने के लिए पुरुष स्कूल में पढ़ने वाले या अट्ठारह वर्ष से कम आयु वाले बच्चों के जीवन के साथ खिलवाड़ करते हैं. लचर कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार के कारण ऐसे अपराधों को और अधिक बढ़ावा मिलता था लेकिन अब शायद ऐसे हालातों पर कुछ हद तक काबू पाया जा सकता है. क्योंकि अब केन्द्रीय कैबिनेट एक ऐसा बिल लाने की सोच रही है जिसके अनुसार नाबालिग बच्चों को अपनी हवस का शिकार बनाने वाले या उनके साथ किसी भी प्रकार की यौन छेड़छड़ करने वाले दरिंदों को उम्रकैद की सजा दी जा सकेगी. शादी के बाद किसी और से प्यार!! बच्चों के खिलाफ यौन अपराध बिल के अंतर्गत नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न, यौन अपराध के दोषी व्यक्ति को 3 साल से लेकर उम्रकैद की सजा हो सकती है. देश में यह पहला मौका है जब बच्चों के खिलाफ होने वाले यौन अपराधों के लिए अलग से एक कानून लाया जा रहा है. इस बिल के अंतर्गत बच्चों की तस्करी और बाल पोर्नोग्राफी को भी शामिल किया जाएगा. बच्चों के साथ होने वाले यौन अपराधों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से संसदीय समिति ने प्रोटेक्‍शन ऑफ चिल्‍ड्रन फ्रॉम सेक्‍सुअल आफेंस बिल 2011 में यह संशोधन करने की सिफारिश की है कि शारीरिक संबंधों की उम्र 16 साल से बढ़ाकर 18 वर्ष कर दिया जाए. अर्थात अगर कोई व्यक्ति किसी ऐसे व्यक्ति के साथ संबंध बनाता है जिसकी उम्र 18 से कम है, तो भले ही यह आपसी सहमति से ही क्यों ना हुआ हो, इसे बलात्कार की श्रेणी में ही रखा जाएगा. भारतीय समाज में स्त्रियों और युवतियों का शोषण तथा उनका दमन होना कोई नई बात नहीं है. इन सब कुव्यवस्थाओं से निजात पाने के लिए कई कार्यक्रम चलाए गए. इन प्रयत्नों के बावजूद ऐसे हालातों पर काबू तो नहीं पाया गया बल्कि ऐसे मनोविकार और अधिक बढ़ते गए जिसके परिणामस्वरूप आज मानव के नैतिक मूल्य निरंतर गिरते जा रहे हैं. निश्चित ही बच्चों के साथ यौन अपराध जैसी अत्यंत घृणित वारदातों को अंजाम देने वाले लोग मानसिक रूप से सामान्य नहीं हो सकते. इसीलिए अगर हम उन्हें समझाकर सही रास्ते पर लाने जैसा विचार रखते भी हैं तो यह हमारी ही नासमझी होगी. ऐसे में हो सकता है कि शारीरिक संबंधों की आयु बढ़ाने जैसे प्रावधान द्वारा इन अमानवीय कृत्यों पर लगाम लगाई जा सके. खेल, खिलाड़ी और सेक्स

Mani के द्वारा
December 27, 2013

jab koi ladki khud apni marzi se kisi ladke ko shadi ka jhansha dekar uske sath physical relation bnaye aur bad me khud hi us ladke ko chod de to kya wo ladki ka character sahi ho sakta h ya us ladki k khilaf koi kanooni action liya ja sakta h reply

shailesh001 के द्वारा
July 6, 2012

मीडिया और महिलावादियों की प्रवंचना एवं गुमराह करने वाली जानकारी और असल सच में बहुत फर्क होता है…

yamunapathak के द्वारा
July 5, 2012

विवाह एक बड़ी जिम्मेदारी होती है, जिसे निभाने के लिए पूर्ण समर्पण की जरूरत होती है. यह कथन बहुत सटीक है .समर्पण, त्याग, विश्वास और प्यार से परिपूर्ण आपसी सामंजस्य ही इस व्यवस्था के चार pillar हैं .इसमें एक भी कमज़ोर हुआ तो व्यवस्था का यह आशियाना ख़त्म. शुक्रिया.

Sanjeev के द्वारा
July 5, 2012

ज़ितनी जल्दी शादी होगी उतनी जल्दी मुर्गा फंसगेआ.


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